Friday, 11 September 2015

Ramakant Badarya BETAB:

Ramakant Badarya**********************भूल न जाना तुम*************************

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खुद की झोली भरना हरदम ही जिनको याद रहा ,
उनको उनकी इस गलती का एहसास करना भूल न जाना तुम. 

जिन् लोगों ने आंका तुमको खुद से ज्यादा कमतर ,
उनकी इस गलती को  सबके सामने लाना भूल न जाना तुम। 

करके बादा  तुमसे झूठा  सो गए लात तानकर जो ,
उनको याद दिलाना यारो  उनकी नानी को भूल न जाना तुम। 

जब भी आये  पास तुम्हारे ऐसा कोई भी एक जन ,
सबसे  पहले उसको उसकी  औकात दिखाना भूल  जाना तुम। 

कहना उसको मुश्किल में जो साथ रहा उसके साथ में हम,
अपने ज़िंदा होने का उसको जमकर  एहसास करना भूल न जाना तुम.

अब तक जिन लोगों ने समझा तुमको गूंगा औ बहरा ,
अपनी जोशीली वाणी का उनको  अहसास करना भूल न जाना तुम।  


-------------------------------------------------रमाकांत बड़ारया  दुर्ग ------

 BETAB:

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