**********************भूल न जाना तुम*************************
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खुद की झोली भरना हरदम ही जिनको याद रहा ,
उनको उनकी इस गलती का एहसास करना भूल न जाना तुम.
जिन् लोगों ने आंका तुमको खुद से ज्यादा कमतर ,
उनकी इस गलती को सबके सामने लाना भूल न जाना तुम।
करके बादा तुमसे झूठा सो गए लात तानकर जो ,
उनको याद दिलाना यारो उनकी नानी को भूल न जाना तुम।
जब भी आये पास तुम्हारे ऐसा कोई भी एक जन ,
सबसे पहले उसको उसकी औकात दिखाना भूल जाना तुम।
कहना उसको मुश्किल में जो साथ रहा उसके साथ में हम,
अपने ज़िंदा होने का उसको जमकर एहसास करना भूल न जाना तुम.
अब तक जिन लोगों ने समझा तुमको गूंगा औ बहरा ,
अपनी जोशीली वाणी का उनको अहसास करना भूल न जाना तुम।
------------------------------ -------------------रमाकांत बड़ारया दुर्ग ------