Thursday, 25 December 2014

__________लगता है ________!!!
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ज़माने  से  गुज़रा  हुआ  वक़्त लगता है,
हताश और थका हुआ मुसाफिर लगता है। 

पेड़  से  गिरा  पका  हुआ  इक  फल लगता है, 
नज़रों से मासूका के गिरा हुआ प्रेमी लगता है। 

कहने को जिनके पास रहा  अब कुछ भी नहीं 
कुर्सी पर जमाने  कब्जा बड़ा उतावला लगता है। 

दिखने  मैं  तो  बड़ा  ही  मासूम  जो  लगता है,
छुरी बगल मैं अपने मुंह मैं वही राम रखता है।  

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